इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
- जितना लोन चाहिए, वह लोन राशि में डालें।
- पहले ऑफर की शर्तें लोन A की ब्याज दर, लोन A की अवधि (महीनों में) और लोन A की फीस (रुपये में) में भरें।
- दूसरे ऑफर के लिए लोन B की ब्याज दर, लोन B की अवधि और लोन B की फीस भरें।
- ऊपर देखें कौन सा लोन सस्ता है, फिर तालिका में मासिक EMI, कुल ब्याज, लोन की कुल लागत और APR मिलाएं।
तुलना कैसे की जाती है
हर लोन की EMI सामान्य फॉर्मूले से निकलती है। फिर कुल लागत = कुल ब्याज + फीस। जिसकी कुल लागत कम है, वही सस्ता है।
EMI = P · r(1 + r)^n ÷ ((1 + r)^n − 1) कुल लागत = EMI × n − P + फीस- P = लोन राशि (दोनों के लिए एक ही)
- r = मासिक दर (सालाना ÷ 12 ÷ 100)
- n = अवधि, महीनों में
- फीस = प्रोसेसिंग और अन्य एकमुश्त शुल्क, रुपये में
साथ में APR भी निकाला जाता है — वह दर जिस पर फीस कटने के बाद मिली रकम और सारी EMI बराबर होती हैं। जब दोनों लोन की अवधि अलग हो, तो APR बताता है कि सालाना हिसाब से कौन महंगा है।
उदाहरण: 11% + ₹10,000 फीस बनाम 12% बिना फीस
₹5 लाख का पर्सनल लोन, दोनों 36 महीने के लिए। लोन A: 11% दर, ₹10,000 प्रोसेसिंग फीस। लोन B: 12% दर, कोई फीस नहीं।
लोन A की EMI ₹16,369.36 और ब्याज ₹89,296.91 है, फीस मिलाकर कुल लागत ₹99,296.91, APR 12.40%। लोन B की EMI ₹16,607.15, ब्याज ₹97,857.58 और कुल लागत भी उतनी ही, APR 12.00%।
दर कम होने के बावजूद लोन A महंगा है — लोन B ₹1,439.33 सस्ता पड़ता है। फीस ने 1% के दर के फायदे को खा लिया।
नतीजे से सही फैसला
अवधि बराबर हो तो कुल लागत सबसे साफ़ पैमाना है। अवधि अलग हो, तो लंबा लोन कुल ब्याज ज़्यादा दिखाएगा लेकिन EMI कम होगी — तब APR और अपनी मासिक क्षमता दोनों देखें।
अगर आप लोन जल्दी चुकाने की सोच रहे हैं, तो एकमुश्त फीस वाला लोन और महंगा पड़ता है, क्योंकि फीस कम महीनों पर बंटती है। प्रीपेमेंट का असर लोन प्रीपेमेंट कैलकुलेटर से देखें।
किसी ऑफर में दर ‘फ्लैट’ बताई गई हो, तो पहले फ्लैट रेट लोन कैलकुलेटर से उसकी असली दर निकालें और वही यहां डालें।
तुलना करते समय ध्यान रखें
- फीस पर लगने वाला GST फीस में जोड़ें।
- लोन के साथ जुड़ा अनिवार्य बीमा भी लागत है।
- फोरक्लोज़र और पार्ट-प्रीपेमेंट चार्ज की शर्तें दोनों ऑफर में मिलाएं।
- फ्लोटिंग दर किस बेंचमार्क से जुड़ी है — शुरुआती दर कम हो सकती है, पर बाद में बदल सकती है।
- हर ऑफर का Key Facts Statement (KFS) मांगें; उसमें APR लिखा होता है। एक लोन की पूरी लागत APR कैलकुलेटर से भी परख सकते हैं।
मान्यताएं और सीमाएं
कैलकुलेटर दोनों लोन के लिए स्थिर दर, बराबर मासिक EMI और शुरुआत में एक बार दी गई फीस मानता है। फ्लोटिंग दर के बदलाव, प्रीपेमेंट, लेट फीस और टैक्स असर इसमें शामिल नहीं हैं।
पैसे के समय-मूल्य को APR में गिना गया है, लेकिन कुल लागत में नहीं। लोन मिलेगा या नहीं और किस दर पर, यह आपकी आय और क्रेडिट स्कोर पर निर्भर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कम ब्याज दर वाला लोन हमेशा सस्ता होता है?
नहीं। प्रोसेसिंग फीस, बीमा और दूसरे शुल्क कम दर का फायदा खत्म कर सकते हैं। उदाहरण में 11% वाला लोन 12% वाले से महंगा निकला।
अलग-अलग अवधि वाले लोन कैसे मिलाएं?
APR देखें, क्योंकि वह सालाना लागत बताता है। फिर देखें कि लंबी अवधि की कम EMI आपको सच में चाहिए या छोटी अवधि का कम कुल ब्याज बेहतर है।
क्या लोन बैलेंस ट्रांसफर के ऑफर भी इससे मिला सकते हैं?
हां, लेकिन मौजूदा लोन पर स्विच के खर्च और बची अवधि के लिए होम लोन बैलेंस ट्रांसफर कैलकुलेटर ज़्यादा सटीक है।
क्या दो से ज़्यादा ऑफर मिला सकते हैं?
एक बार में दो। सबसे अच्छे दो चुनकर देखें, फिर जीतने वाले को तीसरे से मिलाएं।