इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
- लोन राशि डालें।
- डीलर या लेंडर ने जो फ्लैट दर बताई है, वह सालाना फ्लैट ब्याज दर में लिखें।
- लोन अवधि महीनों में भरें।
- मासिक EMI और प्रभावी दर (रिड्यूसिंग बैलेंस) देखें, फिर फ्लैट रेट का अतिरिक्त खर्च जांचें।
फ्लैट रेट और रिड्यूसिंग बैलेंस रेट में फर्क
फ्लैट रेट में ब्याज पूरी अवधि मूल लोन राशि पर गिना जाता है, भले ही आप हर EMI के साथ मूलधन चुकाते जा रहे हों। कुल ब्याज लोन में जोड़कर बराबर किस्तों में बांट दिया जाता है। भारत में कुछ पर्सनल लोन, टू-व्हीलर और कार लोन, कंज़्यूमर ड्यूरेबल और माइक्रो लोन में फ्लैट दर बताई जाती है।
फ्लैट EMI = (L + L × f × t) ÷ n- L = लोन राशि
- f = सालाना फ्लैट दर, दशमलव में
- t = अवधि सालों में (n ÷ 12)
- n = कुल मासिक किस्तें
- प्रभावी दर = वह रिड्यूसिंग बैलेंस दर जिस पर यही EMI इसी अवधि में लोन चुका दे
रिड्यूसिंग बैलेंस (घटते बकाये) वाले लोन में ब्याज सिर्फ बचे हुए बकाये पर लगता है — होम लोन और ज़्यादातर बैंक लोन ऐसे ही चलते हैं। इसलिए एक जैसी दिखने वाली दर का असली खर्च बहुत अलग होता है।
उदाहरण: ₹5 लाख, 10% फ्लैट, 36 महीने
फ्लैट ब्याज ₹1,50,000 बनता है, यानी आप कुल ₹6.5 लाख लौटाते हैं और EMI ₹18,055.56 है।
इन्हीं EMI को घटते बकाये पर गिनें तो असली दर 17.92% निकलती है — बताई गई 10% से लगभग दोगुनी के करीब।
सच में 10% रिड्यूसिंग रेट का लोन होता तो EMI ₹16,133.59 और कुल ब्याज सिर्फ ₹80,809.37 होता। यानी फ्लैट रेट आपको ₹69,190.63 ज़्यादा पड़ता है।
प्रभावी दर ज़्यादा क्यों होती है
पूरी लोन राशि आपके पास सिर्फ पहले महीने रहती है। हर EMI के साथ बकाया घटता है, और पूरी अवधि में औसतन आप लगभग आधी रकम ही उधार रखते हैं। फ्लैट तरीका फिर भी पूरी रकम पर ब्याज लेता है, इसलिए असली दर अक्सर फ्लैट दर के दोगुने के आसपास पहुंच जाती है।
अवधि बदलने से यह अंतर ज़्यादा नहीं घटता। सटीक आंकड़ा जानने के लिए कैलकुलेटर में अपनी अवधि डालें।
ऑफर की तुलना कैसे करें
- हर फ्लैट रेट ऑफर को रिड्यूसिंग बैलेंस दर या APR में बदलकर ही तुलना करें।
- RBI के KFS निर्देशों के तहत लोन देने वाले को APR बताना होता है — KFS मांगें और APR कैलकुलेटर से फीस सहित मिलाएं।
- दो ऑफर आमने-सामने रखने के लिए लोन तुलना कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
- ‘0% EMI’ में अक्सर प्रोसेसिंग फीस या छूट न मिलने का खर्च छुपा होता है; कुल भुगतान देखें।
- समय से पहले बंद करने पर फ्लैट रेट लोन में ब्याज का बड़ा हिस्सा पहले ही EMI में चला गया होता है — फोरक्लोज़र का हिसाब पहले पूछें।
मान्यताएं और सीमाएं
कैलकुलेटर बराबर मासिक EMI और बिना फीस, बीमा या पेनल्टी का लोन मानता है। प्रभावी दर मासिक चक्रवृद्धि वाली नॉमिनल सालाना दर (मासिक दर × 12) के रूप में दिखाई गई है।
प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज और अनिवार्य बीमा असली लागत और बढ़ाते हैं। आपके लोन एग्रीमेंट और KFS के आंकड़े ही अंतिम हैं। रिड्यूसिंग रेट लोन की EMI सीधे लोन EMI कैलकुलेटर से निकल सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
फ्लैट इंटरेस्ट रेट क्या होता है?
वह दर जिस पर पूरी अवधि का ब्याज मूल लोन राशि पर गिना जाता है, भले बकाया घटता रहे। इसलिए यह उसी प्रतिशत की रिड्यूसिंग दर से महंगी पड़ती है।
फ्लैट रेट को रिड्यूसिंग रेट में कैसे बदलें?
वह दर ढूंढनी होती है जिस पर फ्लैट वाली EMI घटते बकाये पर लोन को उतने ही महीनों में चुका दे। यह कैलकुलेटर यही करता है।
क्या फ्लैट रेट हमेशा महंगा होता है?
एक ही प्रतिशत पर, हां। लेकिन 10% फ्लैट बनाम 20% रिड्यूसिंग जैसे अलग-अलग ऑफर में तुलना प्रभावी दर निकालकर ही करें।
टू-व्हीलर या कार लोन फ्लैट रेट पर क्यों मिलते हैं?
डीलर और कुछ लेंडर फ्लैट दर बताते हैं क्योंकि EMI का हिसाब आसान और दर छोटी दिखती है। साइन करने से पहले APR या रिड्यूसिंग दर लिखित में मांगें।