इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
- पहले पैक की आइटम A की कीमत और आइटम A का साइज़ या मात्रा भरें (जैसे 500 ग्राम के लिए 500)।
- दूसरे पैक की आइटम B की कीमत और आइटम B का साइज़ या मात्रा उसी इकाई में डालें।
- आइटम A की प्रति 100 यूनिट कीमत और आइटम B की प्रति 100 यूनिट कीमत मिलाएं।
- ऊपर देखें कि कौन सा पैक कितने प्रतिशत सस्ता है।
यूनिट प्राइस कैसे निकलता है
यूनिट प्राइस = कीमत ÷ मिलने वाली मात्रा। दोनों पैक को एक ही तरह भाग देने से वे बराबरी पर आ जाते हैं, इसलिए बड़ा और छोटा पैक, जिनकी MRP बिल्कुल अलग दिखती है, भी सही तरह मिलाए जा सकते हैं।
यूनिट प्राइस = कीमत ÷ मात्रा- कीमत = पैक के लिए चुकाई रकम
- मात्रा = एक ही इकाई में साइज़ या संख्या (ग्राम, ml, पीस)
- बचत % = (ऊंची यूनिट कीमत − कम यूनिट कीमत) ÷ ऊंची यूनिट कीमत × 100
कैलकुलेटर नतीजे को 100 यूनिट पर भी दिखाता है, क्योंकि प्रति ग्राम या प्रति ml कीमत अक्सर ₹0.11 जैसी छोटी संख्या होती है जिसे पढ़ना मुश्किल है। ग्राम में डालें तो प्रति 100 ग्राम कीमत मिलती है; किलो की कीमत उसका दस गुना है।
उदाहरण: 500 ग्राम बनाम 1 किलो
500 ग्राम का पैक ₹55 का है और 1,000 ग्राम का पैक ₹99 का। छोटा पैक ₹11 प्रति 100 ग्राम पड़ता है और बड़ा ₹9.90 प्रति 100 ग्राम।
यानी आइटम B प्रति यूनिट 10% सस्ता है। लेकिन बड़ा पैक तभी बचत है जब आप पूरा इस्तेमाल करें; अगर आधा खराब हो जाए, तो असल में छोटा पैक सस्ता पड़ता है। और अगर बड़ा पैक ₹115 का होता, तो उल्टा छोटा पैक प्रति यूनिट 4.35% सस्ता निकलता: बड़ा हमेशा सस्ता नहीं होता।
जब कम यूनिट प्राइस बेहतर सौदा नहीं
कम यूनिट प्राइस तभी काम का है जब आप पूरी मात्रा खराब होने या एक्सपायरी से पहले इस्तेमाल कर लें। आटा, तेल, मसाले, बिस्किट और सफाई के सामान जैसी चीज़ें ज़्यादा दिन रखने पर नुकसान का सौदा बन सकती हैं।
घर में रखने की जगह, इस्तेमाल की रफ्तार और क्वालिटी एक जैसी है या नहीं, यह भी देखें। क्विक कॉमर्स ऐप या सुपरमार्केट के ऑफर, कूपन और 'दो लें एक फ्री' जैसी डील असली कीमत बदल देती हैं, इसलिए वही अंतिम कीमत डालें जो आप चुकाते हैं। प्रतिशत छूट के बाद की कीमत डिस्काउंट कैलकुलेटर दिखाता है।
यूनिट के हिसाब से खरीदारी के सुझाव
- एक ही इकाई में तुलना करें; पास-पास रखे सामान पर कभी ग्राम और कभी किलो लिखा होता है।
- 'श्रिंकफ्लेशन' पर नज़र रखें: वही कीमत पर छोटा पैक यूनिट प्राइस बढ़ा देता है।
- पैक की संख्या नहीं, असली इस्तेमाल गिनें: कितनी सर्विंग, कितने धुलाई के लोड या कितनी शीट।
- स्टोर ब्रांड या खुले सामान का यूनिट प्राइस अक्सर कम होता है, क्वालिटी भी देखें।
- डिलीवरी चार्ज और प्लेटफॉर्म फीस अलग हों तो उन्हें कीमत में जोड़कर मिलाएं।
मान्यताएं और सीमाएं
टूल एक बार में दो आइटम की तुलना करता है और मानता है कि दोनों की मात्रा एक ही इकाई में है। यह इकाई नहीं बदलता, डिलीवरी, मेंबरशिप फीस या टैक्स का अंतर नहीं जोड़ता, और क्वालिटी नहीं परखता। किलो और ग्राम या लीटर और ml हों तो पहले खुद एक इकाई में बदलें।
पैक पर छपी MRP में टैक्स शामिल होता है, इसलिए दुकान की कीमतें सीधे मिलाई जा सकती हैं। महीने के राशन खर्च का हिसाब बजट कैलकुलेटर में रखें, और गाड़ी के ईंधन की प्रति किमी कीमत पेट्रोल खर्च कैलकुलेटर से देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यूनिट प्राइस कैसे निकालें?
कीमत को मात्रा या साइज़ से भाग दें। ₹55 में 500 ग्राम यानी ₹0.11 प्रति ग्राम, या ₹11 प्रति 100 ग्राम।
क्या बड़ा पैक हमेशा प्रति यूनिट सस्ता होता है?
नहीं। अक्सर होता है, लेकिन हमेशा नहीं, इसलिए मान लेने के बजाय आंकड़े मिलाएं।
अगर दोनों पैक की इकाई अलग हो तो?
पहले दोनों को एक इकाई में बदलें, जैसे ग्राम या ml (1 किलो = 1,000 ग्राम, 1 लीटर = 1,000 ml), फिर मात्रा डालें।
क्या यह खाने के अलावा दूसरी चीज़ों पर भी चलेगा?
हां। पैक में बिकने वाली किसी भी चीज़ पर: बैटरी, टिश्यू पेपर, डिटर्जेंट, पेट फूड या प्रिंटर इंक।
कैलकुलेटर प्रति 100 यूनिट कीमत क्यों दिखाता है?
प्रति ग्राम जैसी छोटी कीमतें मिलाना मुश्किल है। प्रति 100 यूनिट का आंकड़ा एक नज़र में पढ़ा जा सकता है।