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डेट कंसॉलिडेशन लोन कैलकुलेटर

कई क्रेडिट कार्ड और छोटे लोन को एक पर्सनल लोन से चुकाकर एक ही EMI बनाना — यह तभी समझदारी है जब कुल ब्याज और फीस सच में घटें। यह कैलकुलेटर दोनों रास्तों का पूरा खर्च आमने-सामने रखता है।

INR
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महीने
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बचा ब्याज और फीस₹71,931
बचा ब्याज और फीस₹71,931
नई मासिक EMI₹14,548
मौजूदा चुकाने का समय
29 महीने (2 साल 5 महीने)
मौजूदा कर्ज़ों पर ब्याज
₹1,21,078
नए लोन पर ब्याज और फीस
₹49,147
मासिक EMI में बदलाव
-₹452.20

इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें

  1. जिन कर्ज़ों को मिलाना है, उनका कुल बकाया एक करने वाला कुल कर्ज़ में डालें।
  2. उनकी औसत दर मौजूदा औसत ब्याज दर में और अभी हर महीने जो कुल भरते हैं, वह मौजूदा कुल मासिक भुगतान में लिखें।
  3. नए लोन का ऑफर कंसॉलिडेशन लोन की ब्याज दर, कंसॉलिडेशन लोन की अवधि (महीनों में) और लोन फीस (% में) में डालें।
  4. बचा ब्याज और फीस, नई मासिक EMI और मौजूदा चुकाने का समय देखें।

दोनों रास्तों का हिसाब

मौजूदा रास्ता: आप हर महीने वही कुल रकम भरते रहते हैं और कैलकुलेटर गिनता है कि औसत दर पर कर्ज़ कितने महीनों में और कितने ब्याज के साथ खत्म होगा।

नई EMI = D · r(1 + r)^n ÷ ((1 + r)^n − 1)    बचत = मौजूदा ब्याज − (नए लोन का ब्याज + D × फीस%)
  • D = कुल कर्ज़
  • r = नए लोन की मासिक दर (सालाना ÷ 12 ÷ 100)
  • n = नए लोन की अवधि, महीनों में
  • मौजूदा ब्याज = औसत दर पर, मौजूदा भुगतान से कर्ज़ खत्म होने तक का ब्याज

नया रास्ता: एक पर्सनल लोन पूरा कर्ज़ चुका देता है, आप उसकी तय EMI भरते हैं, और लोन की प्रोसेसिंग फीस भी लागत में जुड़ती है।

उदाहरण: ₹3 लाख कार्ड बकाया, 30% से 13%

आपके कार्ड और छोटे लोन मिलाकर ₹3 लाख हैं, औसत दर 30% और आप हर महीने ₹15,000 भरते हैं। इस रफ़्तार से कर्ज़ 29 महीने में खत्म होगा और ब्याज ₹1,21,077.78 लगेगा।

बैंक 13% पर 24 महीने का पर्सनल लोन दे रहा है, 2% फीस के साथ। नई EMI ₹14,547.80 होगी — पहले से ₹452.20 कम। नए लोन पर ब्याज और फीस मिलाकर ₹49,147.15 बनते हैं।

कुल मिलाकर ₹71,930.64 की बचत होती है और कर्ज़ 29 की जगह 24 महीने में खत्म होता है।

कब फायदेमंद है, कब नहीं

फायदा तब है जब नई दर और फीस मिलाकर पुरानी दर से साफ़ कम हो, और अवधि ज़्यादा लंबी न हो। EMI घटाने के लिए अवधि बहुत बढ़ा देने से महीने का बोझ तो घटता है, पर कुल ब्याज बढ़ सकता है — कंसॉलिडेशन लोन की अवधि बदलकर देखें।

सबसे बड़ा खतरा: पुराने कार्ड खाली होने के बाद उन पर फिर से खर्च शुरू हो जाना। तब आपके पास नया लोन भी होगा और कार्ड का बकाया भी। अगर कार्ड बकाया छोटा है और कम दर का ऑफर कुछ महीनों का है, तो बैलेंस ट्रांसफर कैलकुलेटर से भी तुलना करें।

आवेदन से पहले

  • ऑफर का APR देखें, सिर्फ ब्याज दर नहीं — APR कैलकुलेटर से फीस का असर जांचें।
  • प्रोसेसिंग फीस पर GST और फोरक्लोज़र चार्ज के बारे में KFS में पढ़ें।
  • हर पुराने कर्ज़ का फोरक्लोज़र/क्लोज़र स्टेटमेंट लें और पक्का करें कि खाता बंद हो गया।
  • बिना कंसॉलिडेशन के भी तेज़ी से चुकाने का प्लान Debt Payoff कैलकुलेटर से बनाकर देखें।
  • ‘कर्ज़ सेटलमेंट’ का वादा करने वाली एजेंसियों से सावधान रहें; सेटलमेंट क्रेडिट रिपोर्ट पर असर डाल सकता है।

मान्यताएं और सीमाएं

मौजूदा कर्ज़ों को एक औसत दर वाले कर्ज़ की तरह गिना गया है, और फीस नए लोन की राशि से अलग, एक बार में दी गई मानी गई है। असल में हर कार्ड की दर, न्यूनतम भुगतान और दैनिक ब्याज अलग होते हैं।

पुराने लोन के प्रीपेमेंट चार्ज, लेट फीस, बीमा और क्रेडिट स्कोर पर असर इसमें शामिल नहीं हैं। लोन मंज़ूर होगा या नहीं और किस दर पर, यह आपकी आय और क्रेडिट हिस्ट्री पर निर्भर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डेट कंसॉलिडेशन लोन क्या है?

एक नया लोन, आमतौर पर पर्सनल लोन, जिससे कई पुराने कर्ज़ एक साथ चुकाए जाते हैं। फिर सिर्फ एक EMI बचती है।

क्या इससे CIBIL स्कोर खराब होता है?

नए लोन के आवेदन पर इंक्वायरी होती है, जिसका असर आमतौर पर थोड़े समय का होता है। समय पर EMI भरने और कार्ड का कम इस्तेमाल लंबे समय में मदद करते हैं।

क्या EMI कम होना ही काफ़ी है?

नहीं। EMI कम होकर भी कुल ब्याज ज़्यादा हो सकता है अगर अवधि लंबी है। कैलकुलेटर की कुल बचत वाली संख्या पर ध्यान दें।

होम लोन टॉप-अप से कंसॉलिडेशन करें?

टॉप-अप की दर अक्सर कम होती है, लेकिन यह घर गिरवी रखकर लिया गया कर्ज़ है और अवधि लंबी होती है। छोटे कर्ज़ को 15-20 साल में फैलाना कुल ब्याज बढ़ा सकता है।

स्रोत और आगे पढ़ें

अंतिम समीक्षा 13 अक्टूबर 2026 · हम कैसे गणना करते हैं