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APR कैलकुलेटर

बैंक 12% कहता है, लेकिन प्रोसेसिंग फीस कटकर हाथ में कम पैसा आता है और EMI पूरी रकम की भरनी होती है। APR (एनुअल परसेंटेज रेट) यही असली लागत एक प्रतिशत में दिखाता है।

INR
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महीने
INR
APR13.41%
APR13.41%
मासिक EMI
₹16,607
कुल ब्याज
₹97,858
लोन की कुल लागत
₹1,07,858
आपको असल में मिलने वाली राशि
₹4,90,000
  • ब्याज₹97,85890.7%
  • फीस₹10,0009.3%

इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें

  1. जितना लोन मंज़ूर हुआ, वह लोन राशि में डालें।
  2. बैंक की बताई सालाना दर ब्याज दर में लिखें।
  3. लोन अवधि महीनों में भरें।
  4. प्रोसेसिंग फीस, डॉक्यूमेंटेशन चार्ज और लोन के साथ अनिवार्य दूसरे शुल्क पहले दी गई फीस में जोड़ें, फिर APR और लोन की कुल लागत देखें।

APR कैसे निकलता है

EMI पूरी लोन राशि पर बनती है, लेकिन फीस कटने के बाद आपको कम रकम मिलती है। APR वह दर है जिस पर आपको असल में मिली रकम (लोन − फीस) और आपकी सारी EMI बराबर हो जाती हैं।

L − F = Σ (k = 1…n) EMI ÷ (1 + i)^k    APR = i × 12
  • L = लोन राशि, F = पहले दी गई फीस
  • EMI = बैंक की बताई दर पर पूरी राशि की मासिक किस्त
  • n = कुल महीने
  • i = वह मासिक दर जिस पर बराबरी होती है

कैलकुलेटर पहले यह मासिक दर ढूंढता है, फिर उसे 12 से गुणा करके सालाना APR दिखाता है — यानी यह नॉमिनल सालाना दर है, चक्रवृद्धि वाली प्रभावी दर नहीं।

उदाहरण: ₹5 लाख का पर्सनल लोन, 12%, ₹10,000 फीस

₹5 लाख का पर्सनल लोन 12% पर 36 महीने के लिए है। EMI ₹16,607.15 है और कुल ब्याज ₹97,857.58।

बैंक ₹10,000 प्रोसेसिंग फीस काटता है, इसलिए खाते में ₹4,90,000 आते हैं। फीस और ब्याज मिलाकर लोन की कुल लागत ₹1,07,857.58 है।

इन आंकड़ों पर APR 13.41% बनता है — बताई गई 12% से 1.41 प्रतिशत अंक ज़्यादा। छोटी अवधि के लोन पर यही फीस APR को और ज़्यादा बढ़ाती है।

APR का इस्तेमाल कैसे करें

दो लोन की तुलना हमेशा APR पर करें, सिर्फ ब्याज दर पर नहीं। कम दर पर भारी फीस वाला लोन, थोड़ी ज़्यादा दर वाले बिना फीस के लोन से महंगा पड़ सकता है — दोनों को लोन तुलना कैलकुलेटर में रखें।

RBI ने 2024 में बैंकों और NBFC के लिए Key Facts Statement (KFS) देना अनिवार्य किया, जिसमें APR और सारे शुल्क लिखे होते हैं। लोन साइन करने से पहले KFS मांगें और अपने आंकड़े यहां डालकर मिलाएं।

अगर लोन ‘फ्लैट रेट’ पर बताया गया है, तो पहले फ्लैट रेट लोन कैलकुलेटर से उसकी रिड्यूसिंग बैलेंस दर निकालें।

APR कम करने के तरीके

  • प्रोसेसिंग फीस पर मोलभाव करें; कई बार ऑफर में फीस माफ़ होती है।
  • लोन के साथ जबरन बेचा गया बीमा या दूसरे प्रोडक्ट लेने से पहले पूछें कि क्या वे अनिवार्य हैं।
  • जितनी ज़रूरत हो उतना ही लोन लें — फीस प्रतिशत में होती है।
  • अच्छा क्रेडिट स्कोर बेहतर दर और कम फीस दिलाने में मदद करता है।
  • EMI से कुल ब्याज का हिसाब लोन EMI कैलकुलेटर में देखें।

मान्यताएं और सीमाएं

कैलकुलेटर बराबर मासिक EMI, स्थिर दर और शुरुआत में एक बार फीस मानता है। लेट पेमेंट चार्ज, प्रीपेमेंट चार्ज, फीस पर GST (अगर आपने इसे फीस में नहीं जोड़ा) और बाद में बदलने वाली फ्लोटिंग दर इसमें नहीं हैं।

बैंक का APR थोड़ा अलग आ सकता है, क्योंकि वह शुल्कों की गिनती या दिनों का हिसाब अपने तरीके से कर सकता है। अंतिम आंकड़ा KFS में लिखा APR है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ब्याज दर और APR में क्या फर्क है?

ब्याज दर सिर्फ ब्याज का प्रतिशत है। APR में ब्याज के साथ प्रोसेसिंग फीस जैसे अनिवार्य शुल्क भी शामिल होते हैं, इसलिए यह लोन की असली लागत के ज़्यादा करीब है।

क्या APR हमेशा ब्याज दर से ज़्यादा होता है?

अगर कोई फीस है, तो हां। बिना किसी शुल्क के लोन पर APR और ब्याज दर बराबर होते हैं।

क्रेडिट कार्ड का APR क्या होता है?

कार्ड पर बताई गई मासिक दर को 12 से गुणा करके सालाना दर बताई जाती है। कार्ड का बकाया चुकाने का समय क्रेडिट कार्ड पेऑफ कैलकुलेटर से देखें।

क्या KFS में APR देना ज़रूरी है?

RBI के 2024 के KFS निर्देशों के तहत रिटेल और MSME टर्म लोन के लिए बैंकों और NBFC को KFS में APR बताना होता है। अपने लोन पर लागू नियम बैंक से पूछें।

स्रोत और आगे पढ़ें

अंतिम समीक्षा 13 अक्टूबर 2026 · हम कैसे गणना करते हैं