इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
- गाड़ी की कीमत में ऑन-रोड कीमत डालें और डाउन पेमेंट रुपयों में भरें।
- अगर पुरानी गाड़ी एक्सचेंज कर रहे हैं तो पुरानी गाड़ी की एक्सचेंज वैल्यू डालें। ऑन-रोड कीमत में GST पहले से शामिल हो तो सेल्स टैक्स / GST को 0 रखें।
- ब्याज दर और लोन अवधि महीनों में भरें।
- मासिक EMI, लोन राशि, कुल ब्याज और कार की कुल लागत देखें।
कार लोन की राशि कैसे बनती है
लोन राशि = गाड़ी की कीमत, उस पर टैक्स (अगर अलग से जोड़ना हो), घटाएं डाउन पेमेंट और पुरानी गाड़ी की एक्सचेंज वैल्यू। भारत में शोरूम की कीमत में GST पहले से जुड़ा होता है, और ऑन-रोड कीमत में रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन और बीमा भी आ जाते हैं। इसलिए सबसे आसान है ऑन-रोड कीमत डालना और टैक्स वाला खाना 0 रखना।
लोन = कीमत + (कीमत − एक्सचेंज) × टैक्स% − डाउन पेमेंट − एक्सचेंज; EMI = लोन · r / (1 − (1 + r)^−n)- कीमत = गाड़ी की कीमत (ऑन-रोड डालें तो टैक्स% = 0)
- टैक्स% = अलग से लगने वाला टैक्स, दशमलव में
- r = मासिक ब्याज दर (सालाना दर ÷ 12 ÷ 100)
- n = किस्तों की संख्या (महीने)
इसके बाद EMI सामान्य एन्युटी फॉर्मूले से निकलती है: बराबर मासिक किस्त, घटते बकाये पर ब्याज।
उदाहरण: ₹10 लाख की कार, 60 महीने
ऑन-रोड कीमत ₹10,00,000, डाउन पेमेंट ₹2,00,000, ब्याज दर 9% और अवधि 60 महीने। लोन राशि ₹8,00,000 बनती है और EMI ₹16,607। पांच साल में आप ₹1,96,401 ब्याज देंगे, यानी डाउन पेमेंट मिलाकर कार की कुल लागत ₹11,96,401 होगी।
अगर पुरानी गाड़ी की ₹1,00,000 एक्सचेंज वैल्यू मिल जाए तो लोन ₹7,00,000 रह जाता है, EMI ₹14,531 और कुल ब्याज लगभग ₹1,71,851।
अवधि: कम EMI का जाल
डीलर अक्सर लंबी अवधि दिखाकर EMI छोटी कर देते हैं। वही ₹8 लाख का लोन 84 महीने पर लें तो EMI ₹12,871 हो जाती है, लेकिन ब्याज बढ़कर ₹2,81,186 हो जाता है। 36 महीने पर EMI ₹25,440 है और ब्याज सिर्फ ₹1,15,832।
कार की कीमत समय के साथ घटती है। लंबे लोन में कई साल तक बकाया लोन गाड़ी की बाज़ार कीमत से ज़्यादा रह सकता है, जिससे बीच में गाड़ी बेचना मुश्किल हो जाता है। जितनी छोटी अवधि आपका बजट संभाल सके, उतनी बेहतर।
आम गलतियां
- सिर्फ EMI देखकर गाड़ी चुनना और कुल लागत पर ध्यान न देना।
- डीलर के फाइनेंस को ही अंतिम मान लेना; अपने बैंक से पहले से ऑफर लेकर तुलना करें।
- प्रोसेसिंग फीस, डॉक्यूमेंटेशन चार्ज और फोरक्लोज़र चार्ज न पूछना।
- ईंधन, बीमा रिन्यूअल, सर्विस और पार्किंग का मासिक खर्च बजट में न जोड़ना; इसके लिए बजट कैलकुलेटर मदद करेगा।
- मौजूदा EMI भूलना; कुल बोझ FOIR / डेट-टू-इनकम कैलकुलेटर से जांचें।
नतीजे से फैसला कैसे लें
पहले तय करें कि गाड़ी पर हर महीने कुल कितना खर्च आराम से कर सकते हैं: EMI के साथ ईंधन, बीमा और सर्विस भी। फिर डाउन पेमेंट बढ़ाकर या अवधि घटाकर देखें कि EMI उस सीमा में आती है या नहीं। अगर बाद में बोनस आने वाला है, तो प्रीपेमेंट कैलकुलेटर से देखें कि अतिरिक्त भुगतान कितना ब्याज बचाएगा।
अलग-अलग बैंकों के ऑफर एक ही लोन राशि और अवधि पर डालकर तुलना करें, ताकि अंतर सिर्फ ब्याज दर और फीस का रहे।
अनुमान और सीमाएं
कैलकुलेटर स्थिर ब्याज दर और बराबर मासिक EMI मानता है। प्रोसेसिंग फीस, बीमा प्रीमियम, एक्सटेंडेड वारंटी, एक्सेसरीज़ और रजिस्ट्रेशन अलग से नहीं जोड़े जाते, जब तक आप उन्हें कीमत में शामिल न करें। कुछ डीलर फ्लैट रेट पर ऑफर देते हैं, जिसकी असली लागत ज़्यादा होती है; यहां वह मॉडल नहीं है।
अंतिम EMI और शर्तें लोन एग्रीमेंट में ही देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
₹8 लाख के कार लोन की EMI कितनी होगी?
9% पर 5 साल के लिए लगभग ₹16,607 और 7 साल के लिए करीब ₹12,871। ब्याज दर और अवधि बदलकर अपना आंकड़ा देखें।
GST वाले खाने में क्या भरें?
अगर आपने ऑन-रोड या एक्स-शोरूम कीमत डाली है जिसमें GST पहले से है, तो 0 भरें। सिर्फ तब टैक्स डालें जब कीमत टैक्स के बिना हो।
कितना डाउन पेमेंट करना चाहिए?
जितना ज़्यादा डाउन पेमेंट, उतना छोटा लोन और कम ब्याज। साथ ही इमरजेंसी फंड को खाली न करें।
क्या कार लोन जल्दी चुकाया जा सकता है?
ज़्यादातर बैंक इसकी अनुमति देते हैं, पर कुछ फोरक्लोज़र चार्ज लेते हैं। लोन लेने से पहले यह शर्त लिखित में देख लें।
पुरानी (सेकंड हैंड) कार के लिए भी यह चलेगा?
हां, गणना वही है। बस यूज़्ड कार लोन की ब्याज दर और अवधि अक्सर अलग होती है, इसलिए असली ऑफर के आंकड़े डालें।