इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
- मौजूदा सालाना सैलरी भरें (CTC या ग्रॉस, जो भी आप तुलना करना चाहते हैं)।
- मिलने वाला हाइक बढ़ोतरी में प्रतिशत के रूप में डालें।
- अनुमानित महंगाई दर भरें।
- नई सालाना सैलरी, प्रति माह बढ़ोतरी और महंगाई के बाद असली बढ़ोतरी पढ़ें।
हाइक का हिसाब कैसे होता है
प्रतिशत हाइक में मौजूदा सैलरी को एक प्लस हाइक दर से गुणा किया जाता है। ₹12 लाख पर 8% हाइक यानी ₹12,00,000 × 1.08। असली बढ़ोतरी इसे बढ़ती कीमतों के हिसाब से सुधारती है: हाइक में से महंगाई सीधे घटाने के बजाय दोनों बढ़त के गुणकों का भाग दिया जाता है।
असली बढ़ोतरी = (1 + हाइक) ÷ (1 + महंगाई) − 1- नई सैलरी = मौजूदा सैलरी × (1 + हाइक)
- हाइक और महंगाई दशमलव में (8% = 0.08)
- असली बढ़ोतरी 0 से ऊपर = खरीदने की ताकत बढ़ी; 0 से नीचे = घटी
कम दरों पर फर्क छोटा है, लेकिन महंगाई ऊंची हो तो बढ़ जाता है, इसलिए कैलकुलेटर सटीक भाग वाला तरीका इस्तेमाल करता है।
उदाहरण: ₹12 लाख पर 8% हाइक
8% हाइक और 5% महंगाई पर नई सालाना सैलरी ₹12,96,000 होती है। यह साल में ₹96,000 ज़्यादा है, यानी टैक्स से पहले हर महीने ₹8,000, और नई मासिक सैलरी ₹1,08,000।
महंगाई के बाद असली बढ़ोतरी 2.86% है, पूरे 3% नहीं। सिर्फ अपनी जगह पर टिके रहने के लिए कम से कम 5% हाइक चाहिए।
जब हाइक असल में हाइक नहीं होता
उसी सैलरी पर 4% हाइक लें। नई सैलरी ₹12,48,000 होती है, महीने में ₹4,000 ज़्यादा, लेकिन 5% महंगाई के साथ असली बढ़ोतरी −0.95% है: आपकी सैलरी पहले से थोड़ा कम खरीद पाएगी। इसके उलट 15% हाइक से सैलरी ₹13,80,000 होती है, हर महीने ₹15,000 ज़्यादा, और असली बढ़ोतरी 9.52%।
महंगाई हर व्यक्ति के लिए अलग है। किराया, स्कूल फीस, राशन और पेट्रोल आपके लिए औसत से तेज़ या धीमे बढ़ सकते हैं, इसलिए दो-तीन दरें आज़माएं। बीते सालों में रुपये की कीमत कितनी घटी, यह महंगाई कैलकुलेटर दिखाता है।
मोलभाव या जॉब बदलने के फैसले में इस्तेमाल
अपनी मांग रुपयों में और असली बढ़ोतरी, दोनों रूप में रखें। अगर ऑफर महंगाई से कम है, तो आप ईमानदारी से कह सकते हैं कि खरीदने की ताकत में यह कटौती है। जॉब ऑफर की तुलना में CTC के साथ वेरिएबल पे, बोनस, EPF योगदान, हेल्थ इंश्योरेंस, आने-जाने का खर्च और शहर के किराये को भी देखें; CTC और इन-हैंड सैलरी में अक्सर बड़ा फर्क होता है।
हर महीने की बढ़ोतरी को योजना में बदलें: खर्च बढ़ने से पहले उसका हिस्सा SIP या बचत में भेजें, जिसका हिसाब सेविंग गोल कैलकुलेटर से लगाएं। घंटे के हिसाब से कमाने वालों के लिए घंटे से सैलरी कैलकुलेटर रेट को सालाना सैलरी में बदलता है।
मान्यताएं और सीमाएं
सारे आंकड़े टैक्स से पहले के हैं। हाइक से आपकी आय का कुछ हिस्सा ऊंचे टैक्स स्लैब में जा सकता है, और EPF जैसी कटौतियां भी बेसिक के साथ बढ़ती हैं, इसलिए इन-हैंड सैलरी ग्रॉस से कम बढ़ती है। कैलकुलेटर एक साल में एक हाइक और स्थिर महंगाई मानता है; बार-बार के हाइक या प्रमोशन नहीं गिनता।
असली इन-हैंड असर के लिए अपनी सैलरी स्लिप देखें या HR/पेरोल से पूछें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रतिशत हाइक कैसे निकालें?
सैलरी को हाइक प्रतिशत से गुणा करके 100 से भाग दें, और नतीजा सैलरी में जोड़ दें। ₹12 लाख पर 8% यानी ₹96,000, और नई सैलरी ₹12,96,000।
असली (रियल) हाइक क्या है?
महंगाई के हिसाब से सुधारा हुआ हाइक। यह बताता है कि आपकी सैलरी पहले से ज़्यादा खरीद पाएगी या कम।
क्या 5% हाइक अच्छा है?
यह महंगाई और आपके क्षेत्र पर निर्भर है। 5% महंगाई के साथ 5% हाइक आपकी खरीदने की ताकत को बस बराबर रखता है; असली तरक्की के लिए हाइक महंगाई से ऊपर होना चाहिए।
नई सैलरी टैक्स से पहले की है या बाद की?
टैक्स से पहले की। कैलकुलेटर ग्रॉस सैलरी पर काम करता है, इसलिए इन-हैंड बढ़ोतरी इससे कम होगी।
क्या यह CTC हाइक के लिए भी चलेगा?
हां, प्रतिशत किसी भी आंकड़े पर एक जैसा काम करता है। बस ध्यान रखें कि CTC में बोनस और नियोक्ता का EPF हिस्सा भी हो सकता है, जो हर महीने हाथ में नहीं आता।