इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
- लोन राशि डालें, जैसे होम लोन या पर्सनल लोन की सैंक्शन राशि।
- सालाना ब्याज दर और लोन अवधि सालों में भरें।
- ऊपर मासिक EMI, कुल ब्याज और मूलधन ब्याज से ज़्यादा इस महीने से देखें।
- नीचे की टेबल में हर महीना का ब्याज, मूलधन और बकाया राशि पढ़ें।
एमॉर्टाइज़ेशन का मतलब
एमॉर्टाइज़ेशन यानी लोन को बराबर किस्तों में धीरे-धीरे चुकाना। EMI पूरी अवधि में एक जैसी रहती है, लेकिन उसके अंदर का बंटवारा हर महीने बदलता है। हर महीने पहले बचे हुए बकाये पर ब्याज लगता है, और EMI का बाकी हिस्सा मूलधन घटाता है।
ब्याज_k = B_(k−1) · r; मूलधन_k = EMI − ब्याज_k; B_k = B_(k−1) − मूलधन_k- B_k = k-वीं किस्त के बाद बकाया (B_0 = लोन राशि)
- r = मासिक ब्याज दर (सालाना दर ÷ 12 ÷ 100)
- EMI = एन्युटी फॉर्मूले से निकली बराबर मासिक किस्त
- k = किस्त की संख्या, 1 से आखिरी महीने तक
शुरुआत में बकाया बड़ा होता है, इसलिए EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज में जाता है। बकाया घटने के साथ ब्याज घटता है और मूलधन वाला हिस्सा बढ़ता जाता है।
उदाहरण: ₹30 लाख, 8.5% पर 20 साल
EMI ₹26,035 बनती है। पहले महीने इसमें से ₹21,250 ब्याज है और सिर्फ ₹4,785 मूलधन, इसलिए बकाया ₹29,95,215 रह जाता है। दूसरे महीने ब्याज थोड़ा घटकर ₹21,216 और मूलधन बढ़कर ₹4,819 हो जाता है।
मूलधन का हिस्सा 143वें महीने से ब्याज से बड़ा होता है, और आधा लोन 166 महीने बाद चुकता है, यानी लगभग 14 साल में। पूरी अवधि में कुल ब्याज ₹32.48 लाख बनता है, जो लोन राशि से ज़्यादा है।
अवधि की तुलना
वही ₹30 लाख 15 साल में चुकाएं तो EMI ₹29,542 होती है और कुल ब्याज लगभग ₹23.18 लाख; मूलधन 83वें महीने से ही ब्याज से आगे निकल जाता है। 25 साल पर EMI घटकर ₹24,157 रह जाती है, लेकिन ब्याज बढ़कर ₹42.47 लाख हो जाता है और मूलधन 203वें महीने तक ब्याज से पीछे रहता है।
यानी EMI में थोड़ी बढ़ोतरी से कुल ब्याज में लाखों का फर्क पड़ता है। EMI के साथ टैक्स, बीमा और मेंटेनेंस भी देखना हो तो होम लोन EMI कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
शेड्यूल का इस्तेमाल कैसे करें
शेड्यूल से यह भी पता चलता है कि लोन बीच में बंद करना हो (घर बेचते समय या लोन ट्रांसफर में) तो उस समय कितना बकाया होगा। शुरुआती सालों में बकाया बहुत धीरे घटता है, इसलिए कुछ साल बाद घर बेचने पर भी लोन का बड़ा हिस्सा बाकी रह सकता है।
- प्रीपेमेंट का सबसे अच्छा समय शुरुआती साल हैं, जब EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज होता है; असर होम लोन प्रीपेमेंट कैलकुलेटर में देखें।
- बैंक के सालाना स्टेटमेंट से मिलान करें कि बकाया सही घट रहा है या नहीं।
- किसी साल में चुकाए गए ब्याज और मूलधन का जोड़ टेबल से निकाल सकते हैं; टैक्स से जुड़े दावों के लिए बैंक का ब्याज प्रमाणपत्र ही मान्य है।
- लोन ट्रांसफर या रीफाइनेंस पर विचार कर रहे हैं तो देखें कि बचा बकाया कितना है और बाकी अवधि में कितना ब्याज जाएगा।
- किसी दूसरे लोन से तुलना के लिए पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर में फीस समेत APR भी देखें।
अनुमान और सीमाएं
शेड्यूल स्थिर ब्याज दर, बराबर EMI और हर महीने समय पर भुगतान मानता है। फ्लोटिंग रेट लोन में दर बदलते ही बैंक EMI या अवधि बदल देता है, इसलिए असली शेड्यूल अलग होगा। प्री-EMI, प्रोसेसिंग फीस, लेट फीस और प्रीपेमेंट इसमें शामिल नहीं हैं। बैंक दिनों के हिसाब से ब्याज जोड़ते हैं तो कुछ रुपयों का अंतर आ सकता है।
आधिकारिक आंकड़ों के लिए अपने बैंक से रीपेमेंट शेड्यूल मांगें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एमॉर्टाइज़ेशन शेड्यूल क्या होता है?
यह एक टेबल है जो हर किस्त के लिए बताती है कि उसमें कितना ब्याज है, कितना मूलधन और उसके बाद कितना बकाया बचा।
शुरुआती EMI में ब्याज इतना ज़्यादा क्यों होता है?
ब्याज बचे हुए बकाये पर लगता है, जो शुरुआत में सबसे बड़ा होता है। बकाया घटने के साथ ब्याज का हिस्सा अपने आप घटता है।
अपने लोन का शेड्यूल बैंक से कैसे मिलेगा?
ज़्यादातर बैंक नेट बैंकिंग या ऐप में रीपेमेंट शेड्यूल डाउनलोड करने देते हैं, या शाखा से मांगा जा सकता है।
क्या यह कैलकुलेटर पर्सनल और कार लोन के लिए भी काम करता है?
हां, घटते बकाये पर बराबर EMI वाले किसी भी लोन के लिए। यहां अवधि सालों में डाली जाती है; अवधि महीनों में हो (जैसे 18 या 30 महीने) तो पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर बेहतर है।