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सैलरी कैलकुलेटर

सालाना पैकेज को मासिक में, मासिक सैलरी को प्रति घंटा में, या दिहाड़ी को महीने की कमाई में बदलें। नौकरी के दो ऑफर या फ्रीलांस रेट की तुलना करने का आसान तरीका।

INR
सालाना सैलरी₹12,00,000
सालाना सैलरी₹12,00,000
प्रति घंटा वेतन₹512.82
मासिक सैलरी
₹1,00,000
साप्ताहिक वेतन
₹23,077
प्रतिवेतन
घंटा₹512.82
दिन₹4,615.38
हफ्ता₹23,077
दो हफ्ते₹46,154
महीना₹1,00,000
वर्ष₹12,00,000

इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें

  1. वेतन की रकम डालें।
  2. भुगतान प्रति में चुनें कि यह रकम किस अवधि की है: घंटा, दिन, हफ्ता, महीना या वर्ष।
  3. प्रति सप्ताह घंटे, प्रति सप्ताह दिन और साल में वेतन वाले हफ्ते भरें।
  4. सालाना सैलरी, मासिक सैलरी, साप्ताहिक वेतन और प्रति घंटा वेतन पढ़ें।

वेतन एक अवधि से दूसरी में कैसे बदलता है

कैलकुलेटर पहले आपकी रकम को सालाना वेतन में बदलता है, फिर उसी से मासिक (÷ 12), साप्ताहिक (÷ वेतन वाले हफ्ते) और प्रति घंटा (÷ कुल घंटे) निकालता है। प्रति घंटा या प्रति दिन की कमाई हो तो उसे हफ्ते के घंटे या दिन और साल के वेतन वाले हफ्तों से गुणा किया जाता है।

सालाना वेतन = दर × प्रति सप्ताह घंटे × वेतन वाले हफ्ते
  • दर = प्रति घंटा वेतन (दैनिक वेतन के लिए घंटों की जगह प्रति सप्ताह दिन)
  • प्रति सप्ताह घंटे = आमतौर पर जितने घंटे काम का भुगतान होता है
  • वेतन वाले हफ्ते = साल में जितने हफ्तों का भुगतान मिलता है, अधिकतम 52
  • प्रति घंटा = सालाना वेतन ÷ (प्रति सप्ताह घंटे × वेतन वाले हफ्ते)

भारत में ज़्यादातर नौकरियों में वेतन मासिक मिलता है और ऑफर लेटर में सालाना पैकेज (CTC) लिखा होता है। दिहाड़ी, पार्ट-टाइम और फ्रीलांस काम में दिन या घंटे की दर आम है।

उदाहरण: ₹12 लाख का सालाना पैकेज

₹12,00,000 सालाना, हफ्ते में 5 दिन और 45 घंटे काम। मासिक सैलरी ₹1,00,000, साप्ताहिक वेतन लगभग ₹23,077 और प्रति घंटा वेतन ₹512.82 बनता है।

ध्यान दें: यह ₹1,00,000 ग्रॉस है, इन-हैंड नहीं। अगर ₹12 लाख CTC है, तो उसमें नियोक्ता का PF योगदान, ग्रेच्युटी, बीमा या वेरिएबल बोनस भी हो सकते हैं, और खाते में आने वाली रकम से PF, प्रोफेशनल टैक्स और इनकम टैक्स (TDS) कटते हैं। इसलिए इन-हैंड सैलरी इससे कम होगी।

उल्टा: मासिक सैलरी से प्रति घंटा

₹50,000 महीना और हफ्ते में 6 दिन, 48 घंटे काम: सालाना ₹6,00,000 और प्रति घंटा लगभग ₹240.38। यही आंकड़ा बताता है कि ओवरटाइम या फ्रीलांस काम की न्यूनतम दर क्या होनी चाहिए।

दूसरी ओर, ₹500 प्रति घंटा और 45 घंटे का हफ्ता, साल भर: सालाना ₹11,70,000 और मासिक ₹97,500। फ्रीलांस में छुट्टियों और बिना काम वाले हफ्तों में कमाई नहीं होती, इसलिए 'साल में वेतन वाले हफ्ते' ईमानदारी से कम डालें।

नतीजे का इस्तेमाल

आम गलतियां

  • CTC को मासिक इन-हैंड सैलरी समझ लेना; CTC ÷ 12 हमेशा खाते में आने वाली रकम से ज़्यादा होता है।
  • वेरिएबल पे और बोनस को पक्का मान लेना; वे प्रदर्शन या कंपनी के नतीजों पर निर्भर होते हैं।
  • प्रति घंटा दर निकालते समय असली काम के घंटे (आने-जाने और अतिरिक्त घंटे) न गिनना।
  • फ्रीलांस दर तय करते समय टैक्स, बीमा, उपकरण और छुट्टियों का खर्च न जोड़ना।

अनुमान और सीमाएं

यह कैलकुलेटर सिर्फ अवधियों के बीच बदलाव करता है। यह PF, प्रोफेशनल टैक्स, इनकम टैक्स या CTC के अलग-अलग हिस्से नहीं घटाता, और ओवरटाइम या शिफ्ट भत्ते नहीं जोड़ता। साल को 52 हफ्ते और 12 बराबर महीने माना गया है।

इन-हैंड सैलरी के सटीक हिसाब के लिए अपनी सैलरी स्लिप देखें। टैक्स के मौजूदा नियम आयकर विभाग (incometaxindia.gov.in) पर मिलते हैं; यहां कोई टैक्स स्लैब नहीं लगाया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

₹12 लाख पैकेज पर मासिक सैलरी कितनी होगी?

ग्रॉस मासिक ₹1,00,000 (12 लाख ÷ 12)। इन-हैंड इससे कम होगी, क्योंकि CTC में नियोक्ता का PF और दूसरे हिस्से शामिल हो सकते हैं और टैक्स व PF कटते हैं।

CTC और इन-हैंड सैलरी में क्या फर्क है?

CTC वह कुल रकम है जो कंपनी आप पर साल में खर्च करती है। इन-हैंड वह है जो कटौतियों के बाद हर महीने खाते में आती है।

मासिक सैलरी से प्रति घंटा कैसे निकालें?

मासिक × 12 करके सालाना निकालें, फिर उसे (हफ्ते के घंटे × 52) से भाग दें। ₹50,000 महीना और 48 घंटे का हफ्ता लगभग ₹240 प्रति घंटा है।

दिहाड़ी से महीने की कमाई कैसे निकालें?

भुगतान प्रति में 'दिन' चुनें, दैनिक दर और हफ्ते के काम के दिन डालें। कैलकुलेटर सालाना और मासिक कमाई दिखा देगा।

स्रोत और आगे पढ़ें

अंतिम समीक्षा 13 अक्टूबर 2026 · हम कैसे गणना करते हैं