इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
- शुरुआती जमा और हर महीने का मासिक निवेश डालें।
- अनुमानित सालाना ब्याज दर और वर्ष भरें।
- चक्रवृद्धि चुनें (FD में अक्सर तिमाही) और बताएं कि योगदान कब जमा होता है।
- चाहें तो योगदान में सालाना बढ़ोतरी डालें, फिर भविष्य का बैलेंस, कुल योगदान और कमाया गया ब्याज पढ़ें।
चक्रवृद्धि ब्याज क्या है
साधारण ब्याज सिर्फ मूलधन पर मिलता है। चक्रवृद्धि ब्याज में मिला हुआ ब्याज भी मूलधन में जुड़ जाता है और अगली बार उस पर भी ब्याज मिलता है। इसे 'ब्याज पर ब्याज' कहते हैं, और समय जितना लंबा, असर उतना बड़ा।
FV = P · (1 + r/n)^(n·t) + PMT · [((1 + r/n)^(n·t) − 1) ÷ (r/n)] (मासिक चक्रवृद्धि)- FV = भविष्य का बैलेंस
- P = शुरुआती जमा
- PMT = मासिक निवेश
- r = सालाना ब्याज दर, दशमलव में (12% = 0.12)
- n = साल में चक्रवृद्धि की संख्या (मासिक के लिए 12)
- t = सालों की संख्या
यही सिद्धांत बैंक की FD, रेकरिंग डिपॉज़िट और लंबी अवधि के निवेश पर लागू होता है। म्यूचुअल फंड SIP में रिटर्न तय नहीं होता, लेकिन औसत सालाना रिटर्न मानकर यही गणना अनुमान देती है।
उदाहरण: ₹1 लाख और ₹5,000 महीना, 15 साल
₹1,00,000 एकमुश्त और हर महीने ₹5,000, सालाना 12% और मासिक चक्रवृद्धि पर। 15 साल बाद बैलेंस लगभग ₹30.97 लाख होगा। इसमें आपका अपना पैसा सिर्फ ₹10 लाख है; बाकी ₹20.97 लाख ब्याज से बना है।
मासिक चक्रवृद्धि पर 12% की प्रभावी सालाना दर 12.68% बनती है। ध्यान दें कि बढ़त का बड़ा हिस्सा आखिरी सालों में आता है; सालाना टेबल में यह साफ दिखता है।
किस इनपुट का असर सबसे ज़्यादा है
दर 12% की जगह 10% मानें तो बैलेंस घटकर ₹25.18 लाख रह जाता है। अवधि 15 की जगह 20 साल करें तो बैलेंस लगभग दोगुना होकर ₹60.36 लाख हो जाता है, जबकि आपका योगदान सिर्फ ₹13 लाख होता है। मासिक निवेश ₹10,000 करें तो 15 साल में ₹55.95 लाख बनता है।
और अगर हर साल मासिक निवेश 10% बढ़ाएं (स्टेप-अप), तो 15 साल में बैलेंस ₹48.99 लाख तक पहुंचता है। यानी समय और नियमित बढ़ोतरी, दोनों बहुत ताकतवर हैं। पैसा कितने साल में दोगुना होगा, यह 72 का नियम कैलकुलेटर से जल्दी देखें।
नतीजे से फैसला कैसे लें
ध्यान रखें कि ज़्यादा दर अक्सर ज़्यादा जोखिम के साथ आती है। FD जैसी तय दर और इक्विटी के अनुमानित औसत रिटर्न की तुलना करते समय यह न भूलें कि दूसरे में कुछ साल नुकसान भी हो सकता है। लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए कम और ज़्यादा, दोनों दरों पर हिसाब लगाकर एक दायरा देखें।
- किसी लक्ष्य के लिए हर महीने कितना चाहिए, यह उल्टा बचत लक्ष्य कैलकुलेटर से निकालें।
- भविष्य की रकम को आज के पैसे में समझने के लिए महंगाई कैलकुलेटर से तुलना करें; 15 साल में ₹31 लाख की क्रय शक्ति आज के ₹31 लाख जितनी नहीं होगी।
- FD में तिमाही और मासिक चक्रवृद्धि का फर्क प्रभावी सालाना दर कैलकुलेटर में देखें।
- रिटायरमेंट जैसे लंबे लक्ष्य के लिए रिटायरमेंट कैलकुलेटर महंगाई और निकासी भी जोड़ता है।
इस कैलकुलेटर की सीमाएं
यह हर साल एक जैसी दर मानता है। FD में दर तय रहती है, लेकिन शेयर और म्यूचुअल फंड का रिटर्न साल-दर-साल ऊपर-नीचे होता है और नुकसान भी हो सकता है। टैक्स, फंड के खर्च (expense ratio), TDS और महंगाई यहां नहीं घटाए गए हैं, इसलिए असली हाथ में आने वाली रकम कम हो सकती है।
निवेश से पहले योजना के दस्तावेज़ पढ़ें और ज़रूरत हो तो SEBI-पंजीकृत सलाहकार से बात करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चक्रवृद्धि ब्याज का फॉर्मूला क्या है?
एकमुश्त रकम के लिए A = P(1 + r/n)^(nt)। हर महीने जमा होने पर ऊपर दिए फॉर्मूले का दूसरा हिस्सा जुड़ता है।
क्या यह SIP कैलकुलेटर की तरह काम करता है?
हां, शुरुआती जमा 0 रखें और मासिक निवेश में SIP राशि डालें। बस याद रखें कि SIP का रिटर्न तय नहीं होता, यह सिर्फ अनुमान है।
मासिक और तिमाही चक्रवृद्धि में कितना फर्क पड़ता है?
थोड़ा: जितनी बार ब्याज जुड़ता है, प्रभावी दर उतनी ज़रा सी ज़्यादा। लंबी अवधि में अवधि और दर का असर इससे कहीं बड़ा है।
महीने की शुरुआत में निवेश करने से फर्क पड़ता है?
हां, थोड़ा। हर किस्त को एक महीना ज़्यादा बढ़ने का समय मिलता है, इसलिए बैलेंस थोड़ा ऊपर आता है।
क्या भविष्य का बैलेंस टैक्स के बाद है?
नहीं। ब्याज और रिटर्न पर टैक्स आपके निवेश के प्रकार और आय पर निर्भर है; इसे अलग से घटाएं।