इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
- मूलधन डालें, यानी जमा या उधार की मूल रकम।
- सालाना ब्याज दर भरें।
- वर्ष डालें; कुछ महीनों के लिए साल का हिस्सा लिखें (6 महीने = 0.5)।
- कुल ब्याज, अंतिम बैलेंस और वही जमा, सालाना चक्रवृद्धि पर पढ़ें।
साधारण ब्याज का फॉर्मूला
स्कूल में पढ़ा फॉर्मूला SI = P × R × T / 100 ही यहां इस्तेमाल होता है। ब्याज हर साल सिर्फ मूल रकम पर लगता है; पिछले साल का ब्याज मूलधन में नहीं जुड़ता। इसलिए हर साल का ब्याज बराबर रहता है और कुल राशि सीधी रेखा में बढ़ती है।
I = P × r × t और A = P + I- I = कुल ब्याज
- P = मूलधन
- r = सालाना ब्याज दर, दशमलव में (7% = 0.07)
- t = समय, सालों में
- A = अंत में कुल राशि (मूलधन + ब्याज)
दर को दशमलव में लिखें तो फॉर्मूला I = P × r × t बन जाता है, जहां r = R ÷ 100।
उदाहरण: ₹1 लाख, 7% पर 3 साल
₹1,00,000 पर 7% सालाना साधारण ब्याज से हर साल ₹7,000 ब्याज बनता है। 3 साल में कुल ब्याज ₹21,000 और अंतिम राशि ₹1,21,000 होगी।
यही रकम सालाना चक्रवृद्धि पर रखी जाती तो ब्याज ₹22,504 होता। 5 साल पर फर्क और बढ़ता है: साधारण ब्याज ₹35,000, जबकि सालाना चक्रवृद्धि पर लगभग ₹40,255। अवधि जितनी लंबी, चक्रवृद्धि का फायदा उतना बड़ा; विस्तार से देखने के लिए चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
कुछ महीनों और दिनों के लिए
अवधि एक साल से कम हो तो उसे साल के हिस्से में बदलें: 6 महीने = 0.5 साल, 3 महीने = 0.25 साल। दिनों के लिए दिन ÷ 365 करें। उदाहरण के लिए 90 दिन ≈ 0.25 साल।
रोज़ के लेन-देन में, जैसे रिश्तेदारों या दुकानदार से उधार, ब्याज अक्सर 'रुपया सैकड़ा' में बताया जाता है: ₹1 सैकड़ा महीना यानी ₹100 पर हर महीने ₹1, जो 12% सालाना के बराबर है। ₹2 सैकड़ा का मतलब 24% सालाना। कैलकुलेटर में सालाना दर ही डालें।
उदाहरण: किसी से ₹50,000 छह महीने के लिए ₹2 सैकड़ा महीना (24% सालाना) पर उधार लिया। वर्ष में 0.5 डालें: ब्याज ₹6,000 और कुल चुकाना ₹56,000 होगा। ऐसी ऊंची दर पर उधार लेने से पहले बैंक या किसी नियमित संस्था के लोन से तुलना करें, जहां दर अक्सर कम और शर्तें लिखित होती हैं।
साधारण ब्याज कहां इस्तेमाल होता है
- कई छोटी अवधि के लोन और निजी उधार में ब्याज साधारण तरीके से जोड़ा जाता है।
- FD पर जब ब्याज हर तिमाही या महीने बाहर निकाला जाता है (payout विकल्प), तो मूलधन पर साधारण ब्याज जैसा ही नतीजा मिलता है।
- कुछ लोन में 'फ्लैट रेट' भी साधारण ब्याज ही है, जो पूरी मूल रकम पर पूरे समय लगता है; इसकी असली लागत घटते बकाये वाली दर से ज़्यादा होती है। तुलना पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर से करें।
- भविष्य की किसी रकम की आज की कीमत समझनी हो तो वर्तमान मूल्य कैलकुलेटर देखें।
नतीजे का इस्तेमाल कैसे करें
अगर आप उधार दे रहे हैं, तो कुल ब्याज बताता है कि अवधि के अंत में कितना वापस मांगना है। अगर उधार ले रहे हैं, तो यह साफ दिखाता है कि मूल रकम के ऊपर कितना देना होगा, जिसे आप बजट में पहले से रख सकते हैं।
दो प्रस्तावों की तुलना करते समय दोनों को एक ही आधार पर रखें: या तो दोनों साधारण ब्याज पर, या दोनों प्रभावी सालाना दर पर। किसी समझौते को लिखित में रखें, जिसमें दर, अवधि और भुगतान की तारीख साफ हो।
ध्यान रखने वाली सीमाएं
कैलकुलेटर पूरी अवधि में एक ही दर और कोई निकासी या अतिरिक्त जमा नहीं मानता। टैक्स, TDS और महंगाई शामिल नहीं हैं। बैंक FD आमतौर पर चक्रवृद्धि पर चलती है, इसलिए FD की मैच्योरिटी राशि के लिए यह कैलकुलेटर सही नहीं है; वहां चक्रवृद्धि वाला कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
लोन या जमा की असली शर्तें हमेशा लिखित एग्रीमेंट में देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
साधारण ब्याज कैसे निकालें?
मूलधन × दर × समय ÷ 100। जैसे ₹1,00,000 × 7 × 3 ÷ 100 = ₹21,000।
साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज में क्या अंतर है?
साधारण ब्याज सिर्फ मूल रकम पर लगता है; चक्रवृद्धि में ब्याज पर भी ब्याज मिलता है। एक साल से ज़्यादा की अवधि में चक्रवृद्धि हमेशा ज़्यादा देती है।
₹2 सैकड़ा ब्याज का मतलब क्या है?
₹100 पर हर महीने ₹2, यानी सालाना 24% साधारण ब्याज।
महीनों के लिए ब्याज कैसे निकालें?
महीनों को 12 से भाग देकर साल में बदलें और वही वर्ष वाले खाने में डालें, जैसे 9 महीने = 0.75।