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FD (फिक्स्ड डिपॉज़िट) कैलकुलेटर

बैंक या पोस्ट ऑफिस में FD करने से पहले जानें कि मैच्योरिटी पर कितना मिलेगा और टैक्स के बाद असल में कितना बचेगा। यह कैलकुलेटर तिमाही, मासिक या किसी भी चक्रवृद्धि के साथ हिसाब करता है।

INR
%
महीने
%
कमाया गया ब्याज₹41,478
कमाया गया ब्याज₹41,478
मैच्योरिटी पर बैलेंस₹1,41,478
टैक्स से पहले ब्याज
₹41,478
टैक्स
₹0.00
प्रभावी सालाना रिटर्न
7.19%
औसत मासिक ब्याज
₹691.30
  • जमा₹1,00,00070.7%
  • ब्याज₹41,47829.3%

इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें

  1. FD में डाली जाने वाली रकम जमा में डालें।
  2. बैंक की बताई दर सालाना ब्याज दर में और FD की अवधि अवधि में महीनों में लिखें।
  3. चक्रवृद्धि में बैंक का तरीका चुनें — कई बैंक FD पर तिमाही चक्रवृद्धि करते हैं।
  4. ब्याज पर आपका टैक्स स्लैब ब्याज पर टैक्स में डालें (न पता हो तो 0), फिर मैच्योरिटी पर बैलेंस और कमाया गया ब्याज देखें।

FD की मैच्योरिटी राशि का फॉर्मूला

क्यूम्युलेटिव (रीइन्वेस्टमेंट) FD में ब्याज हर तिमाही (या चुनी गई अवधि पर) मूलधन में जुड़ता है और अगली बार उस पर भी ब्याज मिलता है। इसलिए जितनी बार चक्रवृद्धि, रिटर्न थोड़ा उतना ज़्यादा।

A = P × (1 + r ÷ m)^(m × t)
  • A = मैच्योरिटी पर कुल राशि
  • P = जमा राशि
  • r = सालाना ब्याज दर, दशमलव में
  • m = साल में कितनी बार चक्रवृद्धि (तिमाही = 4, मासिक = 12)
  • t = अवधि, सालों में (महीने ÷ 12)
  • टैक्स के बाद ब्याज = (A − P) × (1 − टैक्स दर)

अगर आप मैच्योरिटी पर (साधारण ब्याज) चुनते हैं, तो ब्याज सिर्फ मूल रकम पर गिना जाता है।

उदाहरण: ₹1 लाख की FD, 7%, 5 साल, तिमाही चक्रवृद्धि

₹1,00,000 को 7% सालाना दर पर 5 साल (60 महीने) के लिए तिमाही चक्रवृद्धि वाली FD में रखें। मैच्योरिटी पर ₹1,41,477.82 मिलेंगे, यानी ₹41,477.82 ब्याज।

तिमाही चक्रवृद्धि की वजह से प्रभावी सालाना रिटर्न 7.19% है — बताई गई 7% से थोड़ा ज़्यादा। औसतन हर महीने लगभग ₹691.30 ब्याज बनता है।

अगर आप 20% टैक्स स्लैब में हैं, तो ब्याज पर टैक्स में 20 डालें: टैक्स ₹8,295.56 कटता है और हाथ में ₹33,182.26 ब्याज, कुल ₹1,33,182.26 बचता है।

FD पर टैक्स और सुरक्षा

FD का ब्याज आपकी आय में जुड़ता है और आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। बैंक कुछ मामलों में ब्याज पर TDS काटते हैं; TDS अंतिम टैक्स नहीं है, बाकी हिसाब रिटर्न में होता है। अपनी स्थिति के लिए CA या आयकर विभाग की जानकारी देखें।

बैंक जमा पर DICGC का बीमा होता है: एक बैंक में एक ही हैसियत में रखी आपकी सभी जमा (मूलधन + ब्याज) पर अधिकतम ₹5 लाख तक सुरक्षा। इससे बड़ी रकम अलग-अलग बैंकों में बांटना जोखिम घटा सकता है।

FD से ज़्यादा पाने के तरीके

  • अलग-अलग बैंकों की दरें मिलाएं; वरिष्ठ नागरिकों को अक्सर अतिरिक्त दर मिलती है।
  • FD लैडरिंग: रकम को अलग-अलग अवधि की FD में बांटें, ताकि ज़रूरत पड़ने पर पूरी FD न तोड़नी पड़े।
  • समय से पहले तोड़ने पर दर में कटौती (पेनल्टी) हो सकती है — शर्तें पहले पढ़ें।
  • टैक्स के बाद रिटर्न को महंगाई से मिलाएं: असली कमाई रियल रिटर्न कैलकुलेटर से देखें।
  • अलग-अलग चक्रवृद्धि की तुलना APY कैलकुलेटर से, और लंबे समय की बढ़त कंपाउंड इंटरेस्ट कैलकुलेटर से देखें।

मान्यताएं और सीमाएं

कैलकुलेटर मानता है कि पूरी अवधि दर एक जैसी रहती है, ब्याज दोबारा जमा होता है (क्यूम्युलेटिव FD) और टैक्स मैच्योरिटी पर एक बार कटता है। असल में टैक्स हर साल के ब्याज पर बनता है, और TDS बीच में कट सकता है।

नॉन-क्यूम्युलेटिव FD, जिसमें ब्याज हर महीने या तिमाही खाते में आता है, उसमें ब्याज पर ब्याज नहीं मिलता। बैंक दिनों की गिनती अपने तरीके से करते हैं, इसलिए बैंक के FD कैलकुलेटर से कुछ रुपयों का फर्क आ सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

FD में ब्याज कैसे जोड़ा जाता है?

क्यूम्युलेटिव FD में ब्याज तय अंतराल पर (अक्सर तिमाही) मूलधन में जुड़ता है और मैच्योरिटी पर मिलता है। नॉन-क्यूम्युलेटिव में ब्याज समय-समय पर खाते में भेजा जाता है।

₹1 लाख की FD पर 5 साल में कितना ब्याज मिलेगा?

7% सालाना दर और तिमाही चक्रवृद्धि पर लगभग ₹41,478, टैक्स से पहले। अपनी बैंक की दर डालकर सटीक आंकड़ा देखें।

क्या FD का ब्याज टैक्स-फ्री है?

नहीं, ब्याज आपकी आय में जुड़कर स्लैब के हिसाब से टैक्सेबल है। कुछ खास टैक्स-सेविंग FD में मूल रकम पर कटौती मिल सकती है, ब्याज पर नहीं।

क्या FD में पैसा सुरक्षित है?

बैंक FD पर DICGC का बीमा प्रति बैंक, प्रति जमाकर्ता ₹5 लाख तक (मूलधन और ब्याज मिलाकर) है। उससे ऊपर की रकम बैंक की मज़बूती पर निर्भर है।

स्रोत और आगे पढ़ें

अंतिम समीक्षा 13 अक्टूबर 2026 · हम कैसे गणना करते हैं