इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
- डिस्काउंट दर डालें: वह न्यूनतम सालाना रिटर्न जो आप इस निवेश से चाहते हैं, या पूंजी की लागत।
- कैश फ्लो (वर्ष 0, 1, 2…) कॉमा से अलग करके लिखें। पहली वैल्यू आज का निवेश है, इसलिए आमतौर पर माइनस में होती है।
- नेट प्रेज़ेंट वैल्यू (NPV) और इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (IRR) पढ़ें।
- डिस्काउंटेड पेबैक और प्रॉफिटेबिलिटी इंडेक्स देखें, और टेबल में हर साल का वर्तमान मूल्य (PV) जांचें।
नेट प्रेज़ेंट वैल्यू कैसे काम करती है
आज मिला ₹1 पांच साल बाद मिलने वाले ₹1 से ज़्यादा कीमती है, क्योंकि आज के पैसे को आप FD, म्यूचुअल फंड या अपने बिज़नेस में लगा सकते हैं। NPV इसी बात को गणित में बदलता है: भविष्य के हर कैश फ्लो को आपकी डिस्काउंट दर से आज की वैल्यू में घटाया जाता है और फिर सबको जोड़ दिया जाता है। शुरुआती निवेश माइनस में गिना जाता है।
NPV = Σ CFₜ / (1 + r)^t (t = 0 … N)- CFₜ = साल t का कैश फ्लो (बाहर जाने वाला पैसा माइनस में)
- r = सालाना डिस्काउंट दर, दशमलव में (10% = 0.10)
- t = साल की संख्या; साल 0 यानी आज, इसे डिस्काउंट नहीं किया जाता
- प्रॉफिटेबिलिटी इंडेक्स = (NPV + शुरुआती निवेश) ÷ शुरुआती निवेश
NPV पॉज़िटिव है तो प्रोजेक्ट आपकी डिस्काउंट दर से ज़्यादा कमा रहा है। नेगेटिव है तो वह उस दर तक नहीं पहुंचता। जिस दर पर NPV ठीक शून्य हो जाए, उसे IRR कहते हैं।
उदाहरण: ₹5 लाख का प्रोजेक्ट, पांच साल की कमाई
मान लीजिए आप किसी मशीन या छोटे बिज़नेस में आज ₹5,00,000 लगाते हैं। अगले पांच साल में ₹1,20,000, ₹1,50,000, ₹1,80,000, ₹2,00,000 और ₹1,50,000 आने का अनुमान है। 10% डिस्काउंट दर पर NPV ₹98,035 आता है, IRR 16.97%, डिस्काउंटेड पेबैक 3.96 साल और प्रॉफिटेबिलिटी इंडेक्स 1.2। यानी लगाए गए हर ₹1 पर आज की वैल्यू में लगभग ₹1.20 बनता है।
डिस्काउंट दर 14% करें तो NPV घटकर ₹38,500 (लगभग) रह जाता है और पेबैक 4.51 साल हो जाता है। 18% पर, जो IRR से ऊपर है, NPV −₹12,300 हो जाता है और डिस्काउंटेड पेबैक पांच साल में पूरा ही नहीं होता। इसीलिए IRR को ब्रेक-ईवन दर कहा जाता है।
डिस्काउंट दर सबसे ज़्यादा मायने रखती है
एक ही बार में मिलने वाली रकम से समय का असर साफ दिखता है: आज −₹5,00,000 और पांचवें साल ₹8,00,000। कुल कमाई ₹3 लाख ज़्यादा है, फिर भी 10% पर NPV −₹3,263 है और IRR सिर्फ 9.86%। पूरा फायदा देर से आता है, इसलिए प्रोजेक्ट 10% की शर्त पार नहीं कर पाता।
डिस्काउंट दर वह रिटर्न रखें जो आपको उतने ही जोखिम वाले किसी दूसरे विकल्प से मिल सकता है, और उसमें जोखिम के लिए कुछ मार्जिन जोड़ें। नतीजा दर पर कितना निर्भर है, यह दो-तीन दरें डालकर देखें। ब्रेक-ईवन दर के लिए IRR कैलकुलेटर और भविष्य की एक रकम की आज की वैल्यू के लिए प्रेज़ेंट वैल्यू कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
नतीजे से फैसला कैसे लें
- अकेला प्रोजेक्ट: आपकी डिस्काउंट दर पर NPV शून्य से ऊपर है तो वह पैमाने पर खरा है।
- दो प्रोजेक्ट में से चुनना हो तो ज़्यादा NPV वाला बेहतर है; पूंजी सीमित हो तो प्रॉफिटेबिलिटी इंडेक्स भी देखें।
- IRR को डिस्काउंट दर से मिलाएं, पर दोनों में टकराव हो तो NPV पर भरोसा करें, खासकर जब कैश फ्लो कई बार माइनस-प्लस बदलते हों।
- डिस्काउंटेड पेबैक को जोखिम की जांच मानें: पैसा जितना जल्दी लौटे, अनुमान गलत होने का खतरा उतना कम।
- अच्छा, सामान्य और खराब, तीनों हालात के कैश फ्लो डालकर देखें; अनुमान ही अक्सर सबसे कमज़ोर कड़ी होता है।
मान्यताएं और सीमाएं
कैलकुलेटर हर कैश फ्लो को उसके साल के अंत में आया मानता है (साल 0 आज है) और पूरे समय एक ही डिस्काउंट दर लगाता है। इनकम टैक्स, GST, लोन की ब्याज-संरचना और महंगाई इसमें अलग से नहीं हैं; इन्हें आपको खुद कैश फ्लो में शामिल करना होगा।
जब कैश फ्लो एक से ज़्यादा बार साइन बदलते हैं, तो IRR का कोई जवाब न होना या कई जवाब होना संभव है। NPV को फैसले का एक हिस्सा मानें, पूरा फैसला नहीं। सीधी लिक्विडिटी के नज़रिए के लिए पेबैक पीरियड कैलकुलेटर देखें। बड़े निवेश से पहले किसी CA या वित्तीय सलाहकार से अनुमानों की जांच करवाना समझदारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अच्छा NPV कितना होता है?
शून्य से ऊपर का कोई भी NPV बताता है कि प्रोजेक्ट आपकी डिस्काउंट दर से ज़्यादा कमाता है। एक जैसे आकार और जोखिम वाले विकल्पों में ज़्यादा NPV बेहतर है।
डिस्काउंट दर कैसे चुनें?
उतने ही जोखिम वाले वैकल्पिक निवेश से मिलने वाला रिटर्न, या कंपनी की पूंजी की लागत लें। नतीजा इस चुनाव पर बहुत निर्भर करता है, इसलिए कई दरें आज़माएं।
NPV और IRR में क्या फर्क है?
NPV रुपयों में बताता है कि आपकी ज़रूरी दर पर कितनी वैल्यू बनी। IRR वह प्रतिशत दर है जिस पर NPV शून्य हो जाता है; उससे प्रोजेक्ट का आकार पता नहीं चलता।
पहला कैश फ्लो डिस्काउंट क्यों नहीं होता?
क्योंकि साल 0 का मतलब आज है, वह पहले से आज की वैल्यू में है। बाद के कैश फ्लो को (1 + r) की उस साल वाली घात से भाग दिया जाता है।
क्या NPV निजी फैसलों में भी काम आता है?
हां, जैसे रूफटॉप सोलर की शुरुआती लागत बनाम हर साल बिजली बिल की बचत, या किसी कोर्स की फीस बनाम बढ़ी हुई कमाई। अनुमानों वाली सावधानी यहां भी लागू होती है।